समण कविता

समण जागृति

समण संदेश जागृति लाए,हर दिल में उत्साह जगाए।सत्य, प्रेम और भाईचारा,यही जीवन

समण संदेश देती 10 कविताएँ

1. समण संदेश समण संदेश जग में लाओ,हर दिल में उजियारा छाओ।सत्य,

मेरी पहचान समण पर 10 कविताएँ

1. समण मेरी असली पहचान समण मेरी असली पहचान,यही मेरा सच्चा सम्मान।पुरखों

महासमण बुद्ध पर 10 कविताएँ

1. महासमण बुद्ध महासमण बुद्ध महान,धरती का ऊँचा सम्मान।सत्य-अहिंसा का उजियारा,दिया जगत

संघघाती पर कविताएँ

1. संघघाती से सावधान जो अपने संघ को तोड़ते हैं,वो खुद ही

20 विभिन्न कविताएँ

1. मैं समण हूँ मैं समण हूँ, यही अभिमान,यही मेरी सच्ची पहचान।पुरखों

गजल : ‘मै समण हूँ’

1. मैं समण हूँ, यही मेरी पहचान है,मेरे पुरखों का यही सम्मान

10 कविताएँ समण संघ

1. समण संघ महान समण संघ पुरातन धारा,जैसे गंगा जल की धारा।प्रकृति

“मैं समण हूँ” पर 10 कविताएँ

1. मैं समण हूँ मैं समण हूँ, यही पुकार,यही हमारा सच्चा श्रृंगार।धरती