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#मैंसमणहूँ #iamsaman  #samansandesh  @samansandesh
समण संस्कृति : हमारी पुरातन संस्कृति
समण पहचान : हमारी पुरातन पहचान
समण सभ्यता : हमारी पुरातन सभ्यता
#saman_sangh #समण_संघ #समण #wethepeople #saman_sangh #समणसंघ #गंथ #SudhirRajSingh  @samanhistory   @wethepeoplesamansangh1622  @TeamTwentyTwo 
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समण संघ में जुड़े - समण संघ की शक्ति बनें।
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समण संघ का हिस्सा बनकर जुड़िए और लोगो को जोड़िए।
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‘समण संघ’ :-  बुद्ध से पहले एक संघ चलता था 'समण संघ'। जिसे हमारे ही पुरखों ने चलाया था। सभी प्रकार के निर्णय और फैसले संघ के द्वारा ही किये जाते थे। संघ का निर्णय ही सर्वोपरि माना जाता था। संघ के द्वारा ही चक्रवर्ती महान सम्राट अशोक ने स्वर्णिम शासन चलाया। सम्राट अशोक ने ही अपने शासन के दौरान “महाभारत” बनाया था।
बम्मण लोग जब भारत में आये तो हम समता में रहने वाले ‘समण-समणी’ कहलाये गए। बाद में समण शब्द को ही विकृत करके और काल्पनिक किस्सों और कहानियों के जरिए हमारी समण संस्कृति विलुप्त होती चली गयी, आज उसी समण संघ को फिर से झाड़ पोंछ कर अपने समण लोगों के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। बुद्ध ने बार-बार संघ की शरण में जाने को कहा है- ‘संघं शरणं गच्छमि’। बाबा साहब ने भी भारत गणराज्य संघ ही दिया है। समण संघ ही हमारे देश का सबसे पुराना संघ है। और केवल हम ही संघी हैं।
वास्तविक संघ की परिकल्पना लोगों के लिए, लोगों के द्वारा ही संचालित होती है। संघ का कोई नेता नहीं होता। संघ में कोई पद या पदाधिकारी नहीं होता। संघ के लिए कोई चंदा, पर्ची, शुल्क आदि नहीं लिया जाता।
समण संघ की ऑनलाइन मीटिंग zoom app (ज़ूम एप) पर रोजाना शाम को ठीक 8 बजे से होती है जिसमें समण समाज के देश भर के बुद्धिजीवी लोग शामिल होते हैं और जुड़ने व जोड़ने का लगातार कार्य कर रहे हैं। दुनिया भर के लोग जुड़ चुके हैं और आगे जोड़ रहे हैं।
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समण संघ की बात : Saman Dilip Mandal @samansandesh #मैंसमणहूँ #iamsaman
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‘समण संघ’ :-  बुद्ध से पहले एक संघ चलता था 'समण संघ'। जिसे हमारे ही पुरखों ने चलाया था। सभी प्रकार के निर्णय और फैसले संघ के द्वारा ही किये जाते थे। संघ का निर्णय ही सर्वोपरि माना जाता था। संघ के द्वारा ही चक्रवर्ती महान सम्राट अशोक ने स्वर्णिम शासन चलाया। सम्राट अशोक ने ही अपने शासन के दौरान “महाभारत” बनाया था।
बम्मण लोग जब भारत में आये तो हम समता में रहने वाले ‘समण-समणी’ कहलाये गए। बाद में समण शब्द को ही विकृत करके और काल्पनिक किस्सों और कहानियों के जरिए हमारी समण संस्कृति विलुप्त होती चली गयी, आज उसी समण संघ को फिर से झाड़ पोंछ कर अपने समण लोगों के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। बुद्ध ने बार-बार संघ की शरण में जाने को कहा है- ‘संघं शरणं गच्छमि’। बाबा साहब ने भी भारत गणराज्य संघ ही दिया है। समण संघ ही हमारे देश का सबसे पुराना संघ है। और केवल हम ही संघी हैं।
वास्तविक संघ की परिकल्पना लोगों के लिए, लोगों के द्वारा ही संचालित होती है। संघ का कोई नेता नहीं होता। संघ में कोई पद या पदाधिकारी नहीं होता। संघ के लिए कोई चंदा, पर्ची, शुल्क आदि नहीं लिया जाता।
समण संघ की ऑनलाइन मीटिंग zoom app (ज़ूम एप) पर रोजाना शाम को ठीक 8 बजे से होती है जिसमें समण समाज के देश भर के बुद्धिजीवी लोग शामिल होते हैं और जुड़ने व जोड़ने का लगातार कार्य कर रहे हैं। दुनिया भर के लोग जुड़ चुके हैं और आगे जोड़ रहे हैं।
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Saman O. P. Verma : समण संघ की बात @samansandesh #मैंसमणहूँ
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‘समण संघ’ :-  बुद्ध से पहले एक संघ चलता था 'समण संघ'। जिसे हमारे ही पुरखों ने चलाया था। सभी प्रकार के निर्णय और फैसले संघ के द्वारा ही किये जाते थे। संघ का निर्णय ही सर्वोपरि माना जाता था। संघ के द्वारा ही चक्रवर्ती महान सम्राट अशोक ने स्वर्णिम शासन चलाया। सम्राट अशोक ने ही अपने शासन के दौरान “महाभारत” बनाया था।
बम्मण लोग जब भारत में आये तो हम समता में रहने वाले ‘समण-समणी’ कहलाये गए। बाद में समण शब्द को ही विकृत करके और काल्पनिक किस्सों और कहानियों के जरिए हमारी समण संस्कृति विलुप्त होती चली गयी, आज उसी समण संघ को फिर से झाड़ पोंछ कर अपने समण लोगों के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। बुद्ध ने बार-बार संघ की शरण में जाने को कहा है- ‘संघं शरणं गच्छमि’। बाबा साहब ने भी भारत गणराज्य संघ ही दिया है। समण संघ ही हमारे देश का सबसे पुराना संघ है। और केवल हम ही संघी हैं।
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Saman Gajendra Kumar : समण संघ की बात @samansandesh #मैंसमणहूँ
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बम्मण लोग जब भारत में आये तो हम समता में रहने वाले ‘समण-समणी’ कहलाये गए। बाद में समण शब्द को ही विकृत करके और काल्पनिक किस्सों और कहानियों के जरिए हमारी समण संस्कृति विलुप्त होती चली गयी, आज उसी समण संघ को फिर से झाड़ पोंछ कर अपने समण लोगों के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। बुद्ध ने बार-बार संघ की शरण में जाने को कहा है- ‘संघं शरणं गच्छमि’। बाबा साहब ने भी भारत गणराज्य संघ ही दिया है। समण संघ ही हमारे देश का सबसे पुराना संघ है। और केवल हम ही संघी हैं।
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सबको बराबर मिले, ऐसा कौन नहीं चाहता : Saman Sudhir Raj Singh @samansandesh #मैंसमणहूँ
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Saman Prakashveer Nawal : समण संघ की बात @samansandesh #मैंसमणहूँ
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Saman Lata Simar : समण संघ की बात @samansandesh #मैंसमणहूँ
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समण सबसे बड़ा है और वमण याचक है : Saman Sudhir Raj Singh @samansandesh #मैंसमणहूँ
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वास्तविक संघ की परिकल्पना लोगों के लिए, लोगों के द्वारा ही संचालित होती है। संघ का कोई नेता नहीं होता। संघ में कोई पद या पदाधिकारी नहीं होता। संघ के लिए कोई चंदा, पर्ची, शुल्क आदि नहीं लिया जाता।
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Saman Lakhpat Singh : समण संघ की बात @samansandesh #मैंसमणहूँ
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