समण कविता

समण संघ की 5 कविताएँ

1. समण संघ की पुकार समण संघ पुरातन धारा,प्रकृति जैसा निर्मल प्यारा।वन-पर्वत

समण संघ पर 10 कविताएँ

1. समण संघ की शान समण संघ पुरातन धारा,प्रकृति जैसा निर्मल प्यारा।जिसने