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Saman Sandesh > समण कविता > महासमण बुद्ध पर 10 कविताएँ
समण कविता

महासमण बुद्ध पर 10 कविताएँ

admin
Last updated: June 19, 2026 11:22 am
admin Published June 19, 2026
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1. महासमण बुद्ध

महासमण बुद्ध महान,
धरती का ऊँचा सम्मान।
सत्य-अहिंसा का उजियारा,
दिया जगत को नया सहारा।

Contents
1. महासमण बुद्ध2. बुद्ध का प्रकाश3. बुद्ध वंदना4. बोधिवृक्ष की छाया5. बुद्ध का मार्ग6. करुणा के सागर7. बुद्ध की वाणी8. बुद्ध और मानवता9. बुद्ध का दीप10. बुद्ध महान

राजमहल की माया छोड़ी,
सत्य हेतु हर सीमा तोड़ी।
दुख का कारण जग को बताया,
करुणा का दीप जलाया।

बोधिवृक्ष के नीचे बैठ,
ज्ञान मिला बनकर सम्राट।
लोभ-मोह सब दूर किए,
जीवन के अंधकार हर लिए।

उनकी वाणी अमृत धारा,
जिसने जग को राह सँवारा।
हर मानव का किया कल्याण,
महासमण बुद्ध महान।

“आज़ाद” शीश झुकाता है,
बुद्ध मार्ग अपनाता है।
करुणा, मैत्री, सत्य का ज्ञान,
यही बुद्ध का सच्चा मान।


2. बुद्ध का प्रकाश

महासमण बुद्ध का प्रकाश,
मिटा गया हर एक त्रास।
अंधियारे में दीप जलाया,
जीवन को सुंदर बनवाया।

उन्होंने सत्य का मार्ग दिखाया,
हर मानव को गले लगाया।
ना ऊँच-नीच, ना कोई भेद,
सबको दिया समान संदेश।

बोधिवृक्ष की शीतल छाया,
जहाँ ज्ञान का सूरज आया।
करुणा बनकर बहती धारा,
बुद्ध बने जग के उजियारा।

उनकी वाणी प्रेम सिखाती,
हर मन में विश्वास जगाती।
क्रोध जहाँ भी मन में आए,
बुद्ध स्मरण शांति दिलाए।

“आज़ाद” यही गीत सुनाए,
बुद्ध संदेश जग में छाए।
सत्य और मानव सम्मान,
यही बुद्ध की सच्ची शान।


3. बुद्ध वंदना

नमन तुम्हें हे बुद्ध महान,
तुमसे जग का बढ़ा सम्मान।
तुमने प्रेम का दीप जलाया,
हर मानव को राह दिखाया।

राजसिंहासन छोड़ दिया,
सत्य हेतु जीवन मोड़ लिया।
वन-वन भटके ज्ञान की खातिर,
बने जगत के पथ-प्रदर्शक।

करुणा जिसकी शक्ति बनी,
मैत्री जिसकी भक्ति बनी।
ऐसे महासमण की वाणी,
आज भी लगती है सुहानी।

दुख का कारण जिसने जाना,
जीवन का सत्य पहचाना।
लोभ-मोह का बंधन तोड़ा,
मानवता से नाता जोड़ा।

“आज़ाद” यही शीश झुकाए,
बुद्ध मार्ग पर चलना चाहे।
सत्य, दया और प्रेम महान,
यही बुद्ध की सच्ची पहचान।


4. बोधिवृक्ष की छाया

बोधिवृक्ष की छाया प्यारी,
जहाँ मिली बुद्धि उजियारी।
महासमण ने ध्यान लगाया,
सत्य का सूरज जगमगाया।

माया का बंधन तोड़ दिया,
अज्ञान का अंधकार हर लिया।
करुणा से संसार सजाया,
मानव को मानव बनवाया।

ना हिंसा का उन्होंने साथ दिया,
हर प्राणी को सम्मान दिया।
मैत्री का संदेश सुनाया,
हर मन में विश्वास जगाया।

उनकी वाणी गंगा जैसी,
शीतल छाया बादल जैसी।
जिसने बुद्ध विचार अपनाया,
उसने जीवन सफल बनाया।

“आज़ाद” यही गान सुनाए,
बुद्ध प्रकाश जग में छाए।
हर दिल में हो प्रेम महान,
यही बुद्ध का सच्चा ज्ञान।


5. बुद्ध का मार्ग

महासमण बुद्ध का मार्ग,
जीवन को करता निष्कलंक।
सत्य और करुणा की राह,
यही मानवता की चाह।

उन्होंने जग को समझाया,
दुख का कारण भी बताया।
इच्छाओं का त्याग करो,
सत्य का तुम राग धरो।

हर प्राणी से प्रेम करो,
कभी किसी से द्वेष न करो।
मैत्री से संसार सजाओ,
बुद्ध विचार घर-घर लाओ।

उनकी वाणी अमृत जैसी,
शांत नदी के जल जैसी।
जो इस राह पर चल पाए,
वो जीवन में सुख पाए।

“आज़ाद” यही संदेश सुनाए,
बुद्ध प्रकाश जग में छाए।
सत्य, प्रेम और भाईचारा,
यही बुद्ध का सच्चा सहारा।


6. करुणा के सागर

महासमण बुद्ध महान,
करुणा जिनकी पहचान।
हर प्राणी से प्रेम किया,
सबको जीवन दान दिया।

राजमहल सब छोड़ दिया,
सत्य हेतु जीवन मोड़ लिया।
वन की राहों में भटके,
ज्ञान सूर्य बनकर चमके।

उन्होंने क्रोध मिटाया,
हर मन में प्रेम जगाया।
अहिंसा का दीप जलाकर,
मानव को मानव बनाया।

दुखियों का सहारा बनकर,
सत्य का सितारा बनकर।
बुद्ध आज भी जीवित हैं,
हर अच्छे विचार में स्थित हैं।

“आज़ाद” नमन करता है,
बुद्ध मार्ग पर चलता है।
करुणा, मैत्री और सम्मान,
यही बुद्ध की सच्ची शान।


7. बुद्ध की वाणी

बुद्ध की वाणी अमृत जैसी,
बरगद की छाया जैसी।
हर मन में शांति जगाती,
जीवन को सुंदर बनाती।

महासमण ने सत्य बताया,
मानवता का दीप जलाया।
लोभ-मोह का त्याग सिखाया,
प्रेम का सुंदर पाठ पढ़ाया।

ना कोई छोटा, ना बड़ा,
सबको समान उन्होंने गढ़ा।
करुणा को जीवन बनाया,
मैत्री से संसार सजाया।

बोधिवृक्ष की शीतल छाया,
जहाँ ज्ञान का सूर्य आया।
आज भी दुनिया याद करे,
बुद्ध विचार का मान करे।

“आज़ाद” यही गान सुनाए,
बुद्ध संदेश जग में छाए।
सत्य और मानव सम्मान,
यही बुद्ध की पहचान।


8. बुद्ध और मानवता

महासमण बुद्ध का नाम,
मानवता का ऊँचा धाम।
सत्य की राह दिखाने वाले,
हर मन को समझाने वाले।

उन्होंने प्रेम का दीप जलाया,
दुनिया को सुंदर बनवाया।
करुणा जिनकी सबसे ताकत,
यही उनकी सच्ची दौलत।

दुखियों के वो बने सहारे,
जीवन के सच्चे उजियारे।
अहिंसा का मार्ग बताया,
हर मानव को गले लगाया।

बुद्ध विचार अमर रहेंगे,
जब तक सूरज-चाँद रहेंगे।
हर दिल में उनका सम्मान,
यही सच्चा मानव ज्ञान।

“आज़ाद” यही संदेश सुनाए,
बुद्ध प्रकाश जग में छाए।
सत्य, प्रेम और भाईचारा,
यही बुद्ध का सच्चा सहारा।


9. बुद्ध का दीप

महासमण बुद्ध का दीप,
हर अंधियारे में बना नसीब।
ज्ञान ज्योति जिसने फैलाई,
हर मन में शांति समाई।

उन्होंने जीवन का सार बताया,
सत्य का सुंदर मार्ग दिखाया।
लोभ-मोह सब दूर किए,
मानवता के फूल दिए।

करुणा का सागर थे बुद्ध,
हर दुखियों के थे बुद्ध।
मैत्री से संसार सजाया,
प्रेम का पाठ पढ़ाया।

बोधिवृक्ष की छाया न्यारी,
जहाँ मिली ज्योति उजियारी।
आज भी बुद्ध विचार महान,
दुनिया का बढ़ाते मान।

“आज़ाद” यही गीत सुनाए,
बुद्ध संदेश जग में छाए।
हर दिल में शांति का ज्ञान,
यही बुद्ध की सच्ची शान।


10. बुद्ध महान

महासमण बुद्ध महान,
धरती की सच्ची पहचान।
उन्होंने सत्य का दीप जलाया,
हर मन को राह दिखाया।

ना हिंसा का साथ दिया,
हर प्राणी को सम्मान दिया।
मैत्री से संसार सजाया,
करुणा का पाठ पढ़ाया।

बोधिवृक्ष के नीचे बैठ,
ज्ञान मिला बनकर सम्राट।
अज्ञान का अंधकार हरकर,
बने जगत के पथ-प्रदर्शक।

आज भी बुद्ध विचार अमर,
हर मानव के भीतर स्वर।
जो बुद्ध मार्ग अपनाएगा,
जीवन में सुख पाएगा।

“आज़ाद” यही शीश झुकाए,
बुद्ध प्रकाश जग में छाए।
सत्य, प्रेम और मानव मान,
यही बुद्ध की सच्ची शान।

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