समण विचारधारा एवं नए साथियों के प्रश्नों पर हुआ सार्थक संवाद
हिसार, हरियाणा | समण सन्देश प्रतिनिधि
रविवार, 26 जुलाई 2026 को हिसार समण संघ के साप्ताहिक सन्निपात बहुल (सप्ताह में एक दिन अधिक से अधिक समणों का इकट्ठा होकर मिलना एवं विचार-विमर्श करना) के क्रम में 247वाँ सन्निपात बहुल महासमण बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर भवन/छात्रावास, हिसार में प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारम्भ भारतीय संविधान की उद्देशिका, त्रिशरण, पंचशील तथा समण संघगान के सामूहिक वाचन के साथ हुआ। इसके उपरांत सन्निदेवी–सन्निदेव कथा का वाचन किया गया, जिसके माध्यम से समण संस्कृति, नैतिक जीवन, सामाजिक चेतना और संघीय जीवन के मूल्यों पर प्रकाश डाला गया।
सन्निपात बहुल में विशेष रूप से नए समण साथियों की जिज्ञासाओं और प्रश्नों पर विस्तृत चर्चा हुई। समण संघ के वरिष्ठ साथियों ने समण पहचान, समण संघ की कार्यप्रणाली, नियमित सन्निपात बहुल की आवश्यकता तथा समाज में एकता स्थापित करने के उद्देश्य से संबंधित प्रश्नों के उत्तर दिए। इस संवादात्मक सत्र ने नए साथियों को समण संघ की विचारधारा को समझने का अवसर प्रदान किया।
“नियमित सन्निपात बहुल, समण पहचान और संघीय एकता ही सामाजिक शक्ति का आधार हैं। इकट्ठा होंगे, जुड़ेंगे और जोड़ेंगे—तभी समण समाज सशक्त बनेगा।”
वक्ताओं ने कहा कि समण समाज की सबसे बड़ी शक्ति उसकी एकता और साझा समण पहचान है। जब समाज नियमित रूप से एक स्थान पर बैठकर विचार-विमर्श करता है, तब आपसी विश्वास, सहयोग और सामाजिक जागरूकता का विस्तार होता है। यही सन्निपात बहुल का मूल उद्देश्य है।
बैठक में आगामी सामाजिक गतिविधियों तथा अधिक से अधिक समण परिवारों को “जुड़ने और जोड़ने” के अभियान से जोड़ने पर भी विचार किया गया। उपस्थित साथियों ने संकल्प लिया कि समण समाज के प्रत्येक परिवार तक समण पहचान और संघ की विचारधारा का संदेश पहुँचाया जाएगा।
कार्यक्रम का समापन समण समाज की एकता, समण पहचान और संघीय चेतना को सुदृढ़ बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
