लखनऊ, उत्तर प्रदेश | समण सन्देश प्रतिनिधि
समण संघ, लखनऊ के तत्वावधान में दो अलग-अलग स्थानों पर आयोजित साप्ताहिक सन्निपात बहुल श्रद्धा, अनुशासन एवं समणीय वातावरण में सम्पन्न हुए। दोनों बैठकों में समण समाज की एकता, समण पहचान तथा नियमित रूप से इकट्ठा होकर सामाजिक शक्ति को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया।
आनंद बुद्ध विहार में 189वाँ साप्ताहिक सन्निपात बहुल
शनिवार, 25 जुलाई 2026 को आनंद बुद्ध विहार, औरंगाबाद, लखनऊ में समण संघ का 189वाँ साप्ताहिक सन्निपात बहुल आयोजित किया गया। कार्यक्रम में समण भाई-बहनों ने सहभागिता करते हुए समण समाज के वर्तमान सामाजिक परिदृश्य, समण पहचान तथा संघ की विचारधारा पर विचार-विमर्श किया।
वक्ताओं ने कहा कि नियमित सन्निपात बहुल केवल एक बैठक नहीं, बल्कि समाज को एक सूत्र में जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। समण समाज की वास्तविक शक्ति उसके आपसी संवाद, सहयोग और निरंतर संपर्क में निहित है। इसलिए प्रत्येक समण परिवार को साप्ताहिक सन्निपात बहुल में सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए।
“समण पहचान के साथ नियमित रूप से इकट्ठा होना ही सामाजिक शक्ति का आधार है। सन्निपात बहुल समाज को जोड़ने, जागरूक करने और सशक्त बनाने का सशक्त माध्यम है।”
रतन खण्ड में 95वाँ साप्ताहिक सन्निपात बहुल

इसके अगले दिन रविवार, 26 जुलाई 2026 को रतन खण्ड, लखनऊ में 95वाँ साप्ताहिक समण संघ सन्निपात बहुल नियमित रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित समण सदस्यों ने समण समाज की एकता, सामाजिक जागरूकता तथा अधिक से अधिक समण परिवारों को संघ से जोड़ने की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए।
बैठक में इस बात पर बल दिया गया कि समण समाज की सामाजिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक प्रगति तभी संभव है, जब समाज अपनी साझा समण पहचान के साथ नियमित रूप से एकत्रित होकर संवाद और सहयोग की परंपरा को मजबूत बनाए।
दोनों सन्निपात बहुलों में उपस्थित समण साथियों ने “जुड़ने और जोड़ने” के अभियान को घर-घर तक पहुँचाने तथा अधिक से अधिक समण परिवारों को सन्निपात बहुल से जोड़ने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि समाज की स्थायी शक्ति किसी व्यक्ति विशेष में नहीं, बल्कि संघ की सामूहिक चेतना और नियमित सहभागिता में निहित होती है।
कार्यक्रमों का समापन समण समाज की एकता, समण पहचान और संघीय भावना को सुदृढ़ बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
