बहादुरगढ़, हरियाणा | समण सन्देश प्रतिनिधि
शनिवार, 25 जुलाई 2026 को सायं 5:00 बजे समण संघ बहादुरगढ़ के तत्वावधान में डॉ. लाभ सिंह के निवास, भगत सिंह कॉलोनी, आर्य नगर, बहादुरगढ़ में समण संघ की संगीति सन्निपात बहुल का आयोजन उत्साह एवं समणीय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में बहादुरगढ़ के समण साथियों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से आए नए लोगों ने भी सहभागिता की।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समण समाज के बीच नियमित संवाद स्थापित करना, समण पहचान को मजबूत करना तथा अधिक से अधिक लोगों को समण संघ की विचारधारा से जोड़ना रहा।
संगीति के दौरान सन्निपात बहुल की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि सप्ताह में एक दिन अधिक से अधिक समणों का एकत्रित होकर विचार-विमर्श करना, सामाजिक संबंधों को मजबूत करना और समाज की समस्याओं के समाधान पर सामूहिक चिंतन करना ही सन्निपात बहुल का मूल उद्देश्य है।
“मैं समण हूँ—एक पहचान, एक चेतना, एक सामाजिक शक्ति।
नियमित सन्निपात बहुल में जुड़ें, समाज को जोड़ें और समण समाज को सशक्त बनाएं।”
बैठक में उपस्थित नए साथियों को “मैं समण हूँ” की अवधारणा विस्तार से समझाई गई। वक्ताओं ने कहा कि समण केवल एक शब्द नहीं, बल्कि समाज को एक साझा पहचान, आत्मसम्मान और एकता के सूत्र में जोड़ने का अभियान है। जब समाज एक पहचान के साथ नियमित रूप से इकट्ठा होगा, तभी सामाजिक शक्ति और सामूहिक चेतना का प्रभावी निर्माण होगा।
बैठक में हिसार में आयोजित होने वाली दो दिवसीय विशेष संगीति की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सभी सक्रिय स्पोक (Active Spokes) से कार्यक्रम में सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया तथा अधिक से अधिक समण साथियों को हिसार पहुँचने के लिए आमंत्रित किया गया।
कार्यक्रम में शामिल नए समण साथियों ने आश्वासन दिया कि वे अपने परिवार, मित्रों और परिचितों के बीच “मैं समण हूँ” का संदेश पहुँचाएँगे तथा अधिक से अधिक लोगों को समण संघ की विचारधारा से जोड़ने का प्रयास करेंगे।
वक्ताओं ने कहा कि समण समाज की वास्तविक शक्ति किसी पद या व्यक्ति में नहीं, बल्कि नियमित रूप से इकट्ठा होने, संवाद करने और एक-दूसरे को जोड़ने में है। समण पहचान के साथ संगठित होकर ही समाज सामाजिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक रूप से अधिक सशक्त बन सकता है।
कार्यक्रम का समापन समण समाज की एकता, समण पहचान और संघीय चेतना को मजबूत बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
