परिवार शाखा एवं गुरुद्वारे में लंगर सेवा के साथ दिया गया एकता का संदेश
बिजनौर, उत्तर प्रदेश | समण सन्देश प्रतिनिधि
रविवार, 26 जुलाई 2026 को बिजनौर स्थित समण संत रविदास मंदिर में समण संघ का 144वाँ सन्निपात बहुल श्रद्धा, सौहार्द एवं समणीय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में समण भाई-बहनों ने एकत्रित होकर समण समाज की एकता, समण पहचान तथा संघ की विचारधारा को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ श्रद्धांजलि सभा के साथ हुआ, जिसमें समण महापुरुषों के मानवतावादी आदर्शों और समाज सुधार के लिए उनके योगदान का स्मरण किया गया। इसके पश्चात परिवार शाखा का आयोजन हुआ, जिसमें परिवारों के बीच संवाद, सामाजिक सहभागिता तथा नई पीढ़ी को समण संस्कृति और समण पहचान से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया।
सन्निपात बहुल के दौरान वक्ताओं ने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति नियमित रूप से इकट्ठा होने, संवाद करने और एक-दूसरे को जोड़ने में निहित है। समण समाज यदि अपनी साझा समण पहचान के साथ संगठित होकर आगे बढ़ेगा, तो सामाजिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में नई ऊर्जा का संचार होगा।
“इकट्ठा होंगे, जुड़ेंगे और जोड़ेंगे—यही समण समाज की शक्ति और समृद्ध भविष्य का आधार है।”

कार्यक्रम के उपरांत उपस्थित समण साथियों ने गुरुद्वारे में आयोजित लंगर सेवा में सहभागिता कर सामाजिक समरसता, सेवा और भाईचारे का संदेश दिया। इस अवसर पर सभी ने मिलकर मानवता, सहयोग और परस्पर सम्मान की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।
बैठक में समण संघ की “जुड़ना है, जोड़ना है” की मुहिम को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक समण परिवार को नियमित सन्निपात बहुल में भाग लेकर समाज की सामाजिक शक्ति को और अधिक मजबूत बनाना चाहिए।
कार्यक्रम का समापन “संघं नमामि” के उद्घोष तथा समण समाज की एकता, समण पहचान और संघीय चेतना को सशक्त बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
