बहादुरगढ़, हरियाणा | समण सन्देश प्रतिनिधि
समण संघ के संगठनात्मक एवं वैचारिक विस्तार के उद्देश्य से रविवार, 31 मई 2026 को सायं 5:30 बजे सेक्टर-9ए, बहादुरगढ़ स्थित श्री हरिदर्शन जी के निवास पर समण संघ की संगीति सन्निपात बहुल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के समण संघियों एवं समाजजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा समण संघ के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
सन्निपात बहुल का आयोजन सौहार्दपूर्ण एवं प्रेरणादायी वातावरण में सम्पन्न हुआ। उपस्थित सभी सम्मानित साथियों ने क्रमवार अपने विचार व्यक्त करते हुए समाज में संगठन की आवश्यकता, समण पहचान के महत्व तथा सामाजिक जागरूकता को बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि समाज की प्रगति, सुरक्षा और सम्मान के लिए संगठित होना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
बैठक में समण संघ के मूल कांसेप्ट (सिद्धांत एवं उद्देश्य) को विस्तार से समझाया गया। उपस्थित साथियों को संघ की विचारधारा, समण संस्कृति, सामाजिक एकता तथा “हम सब समण हैं” के भाव से परिचित कराया गया। चर्चा के दौरान यह भी बताया गया कि समण संघ केवल एक संगठन नहीं, बल्कि सामाजिक जागरण, भाईचारे और आत्मसम्मान का अभियान है।
सभी उपस्थित साथियों ने समण संघ के कार्यों की सराहना करते हुए आश्वासन दिया कि वे “जुड़ने और जोड़ने” की मुहिम को आगे बढ़ाने में सक्रिय सहयोग करेंगे। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों तक समण संघ का संदेश पहुंचाने तथा समाज को संगठित करने का संकल्प भी व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में समण समाज की एकता, संगठन और जागरूकता को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया गया। उपस्थित सभी संघियों ने सामाजिक हित और समण पहचान के संरक्षण एवं प्रसार के लिए मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
“जुड़ेंगे – जोड़ेंगे, संगठित होंगे – आगे बढ़ेंगे” के संदेश के साथ संगीति सन्निपात बहुल सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।
